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नेपाल में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन अब हिंसक रूप ले चुके हैं। इस हिंसा में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी सड़कें जाम कर रहे हैं, सरकारी इमारतों पर हमला कर रहे हैं, वाहन जला रहे हैं और पुलिस पर पथराव कर रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि नेपाल सरकार ने कई क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया है।
नेपाल सरकार ने कुछ दिन पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया था, जिसका उद्देश्य समाज में गलत सूचना फैलने और अशांति की स्थिति को रोकना बताया गया। लेकिन युवा वर्ग और नागरिक समाज का आरोप है कि यह निर्णय अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ है।
विशेष रूप से काठमांडू, पोखरा, भरतपुर और अन्य प्रमुख शहरों में हिंसा चरम पर है। सुरक्षा बल आंसू गैस के गोले दागकर और लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं, परंतु प्रदर्शनकारियों ने भी सड़कों पर जमकर विरोध जारी रखा है। कई जगह आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आई हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारत-नेपाल सीमा पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। भारत सरकार ने सभी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रहने और संभावित हालात से निपटने की तैयारियों को तेज करने के निर्देश दिए हैं। सीमा पार से हालात पर निगरानी रखी जा रही है ताकि आवश्यकतानुसार प्रभावी कदम उठाए जा सकें।
नेपाल में राजनीतिक संकट और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध का यह विवाद अभी भी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है और दोनों पक्षों के बीच बातचीत की कोशिशें जारी हैं। स्थिति कब नियंत्रण में आएगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
