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नई दिल्ली: एक प्रमुख न्यूरोसाइंटिस्ट ने हाल ही में एक ऐसे व्यायाम का सुझाव दिया है जो मस्तिष्क के विकास के लिए जिम्मेदार ‘चमत्कारिक अणु’ को बढ़ाने में मदद कर सकता है। अक्सर यह माना जाता है कि तेज गति से दौड़ना या अन्य एरोबिक व्यायाम ही मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छे हैं, लेकिन वैज्ञानिक का कहना है कि यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है।
डॉ. वेंडी सुजुकी, जो न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय में न्यूरोसाइंस की प्रोफेसर हैं, ने एक पोडकास्ट में बताया कि एक विशेष प्रकार का व्यायाम, जिसे वह ‘ट्रेडमिल वॉक’ या ‘पैदल चलना’ कहती हैं, मस्तिष्क के लिए सबसे फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि यह दौड़ने से भी ज्यादा प्रभावी हो सकता है क्योंकि यह न केवल मस्तिष्क के लिए बल्कि पूरे शरीर के लिए एक समग्र लाभ प्रदान करता है।
‘चमत्कारिक अणु’ क्या है?
जिस ‘चमत्कारिक अणु’ की बात हो रही है, उसका वैज्ञानिक नाम ब्रेन-डिराइव्ड न्यूरोट्रॉफिक फैक्टर (BDNF) है। यह एक प्रोटीन है जो न्यूरॉन्स (मस्तिष्क कोशिकाओं) के विकास, उनके रखरखाव और उनके बीच कनेक्शन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। BDNF को अक्सर ‘फर्टिलाइजर फॉर द ब्रेन’ (मस्तिष्क के लिए उर्वरक) कहा जाता है। BDNF का स्तर जितना अधिक होता है, मस्तिष्क उतना ही स्वस्थ, लचीला और सीखने में सक्षम होता है।
कैसे काम करता है यह व्यायाम?
डॉ. सुजुकी के अनुसार, पैदल चलना या ट्रेडमिल वॉक मस्तिष्क के हिप्पोकैम्पस क्षेत्र को उत्तेजित करता है। यह वह क्षेत्र है जो याददाश्त और सीखने के लिए जिम्मेदार है। जब आप चलते हैं, तो यह BDNF के उत्पादन को बढ़ाता है, जिससे नए न्यूरॉन्स का निर्माण होता है और मौजूदा न्यूरॉन्स मजबूत होते हैं। उनका मानना है कि तेज दौड़ने की तुलना में, पैदल चलना तनाव को कम करने में भी अधिक प्रभावी है, जो BDNF के स्तर को सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है।
यह भी ध्यान देने योग्य है: डॉ. सुजुकी ने यह भी बताया कि पैदल चलते समय ध्यान या माइंडफुलनेस का अभ्यास करने से भी मस्तिष्क को अतिरिक्त लाभ मिलता है। प्रकृति में या शांत वातावरण में टहलना भी दिमाग को शांत करने में मदद करता है।
तो, दौड़ना क्यों नहीं?
इसका मतलब यह नहीं है कि दौड़ना बुरा है। दौड़ना भी BDNF को बढ़ाता है, लेकिन डॉ. सुजुकी का तर्क है कि पैदल चलना उन लोगों के लिए अधिक सुलभ और टिकाऊ है जो अत्यधिक शारीरिक तनाव से बचना चाहते हैं। उनका कहना है कि रोजाना 30-45 मिनट की तेज गति से पैदल चलना उतना ही या उससे भी ज्यादा फायदेमंद हो सकता है जितना कि एक तीव्र दौड़ सत्र। यह न केवल BDNF को बढ़ावा देता है, बल्कि संज्ञानात्मक कार्यक्षमता, स्मृति और समग्र मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार करता है।
कुल मिलाकर, इस शोध का सार यह है कि मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए आपको अत्यधिक शारीरिक परिश्रम करने की आवश्यकता नहीं है। एक साधारण, नियमित अभ्यास, जैसे कि पैदल चलना, आपके मस्तिष्क को ‘चमत्कारिक अणु’ की खुराक दे सकता है और आपके मानसिक स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है।
