Source Financial Express
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दावे का खंडन किया है। ट्रंप ने कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम अमेरिका के हस्तक्षेप के बाद हुआ था। डार ने स्पष्ट करते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान ने अमेरिका से किसी भी तरह के समर्थन की अपील नहीं की थी। उन्होंने कहा कि संघर्ष विराम का फैसला भारत और पाकिस्तान के सैन्य महानिदेशक (DGMO) स्तर की बातचीत के बाद हुआ था।
युद्धविराम पर ट्रंप के दावे को पाकिस्तान ने नकारा
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम उनके हस्तक्षेप के बाद हुआ था। डार ने स्पष्ट रूप से कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान ने युद्ध रोकने के लिए अमेरिका से कोई मदद नहीं मांगी थी।
पाकिस्तान ने नहीं किया था अमेरिकी हस्तक्षेप का अनुरोध
इशाक डार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मैं यह साफ करना चाहता हूं कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान ने युद्धविराम के लिए अमेरिका से किसी भी तरह के समर्थन का अनुरोध नहीं किया था।” उन्होंने ट्रंप के दावे को “पूरी तरह से गलत” बताया और कहा कि यह केवल राजनीतिक फायदे के लिए किया गया एक झूठा प्रचार है। डार ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान हमेशा से शांति का पक्षधर रहा है, लेकिन वह अपनी संप्रभुता और अखंडता की कीमत पर कभी समझौता नहीं करेगा।
DGMO स्तर की बातचीत से हुआ था युद्धविराम
डार ने आगे बताया कि युद्धविराम का फैसला भारत और पाकिस्तान के सैन्य महानिदेशकों (DGMO) के बीच सीधी बातचीत के बाद हुआ था। उन्होंने कहा, “स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, दोनों देशों के डीजीएमओ ने सीधे तौर पर बातचीत की और तत्काल युद्धविराम पर सहमत हो गए।” यह बातचीत भारतीय समयानुसार दोपहर 3:35 बजे हुई, जिसके बाद शाम 5 बजे से युद्धविराम लागू हो गया था। यह बयान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के उस बयान के अनुरूप है, जिसमें उन्होंने कहा था कि युद्धविराम का निर्णय दोनों देशों के बीच आपसी सहमति से हुआ था।
