SOURCE Hindustan Times
इस्लामाबाद/मॉस्को, 12 जुलाई 2025: पाकिस्तान और रूस ने अपने ‘दीर्घकालिक औद्योगिक संबंधों की पुष्टि’ करते हुए एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य कराची में स्थित पाकिस्तान स्टील मिल्स (PSM) को फिर से शुरू करना और उसका आधुनिकीकरण करना है। इस कदम को दोनों देशों के बीच औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर माना जा रहा है।
शुक्रवार को मॉस्को में पाकिस्तानी दूतावास में हुए इस समझौते पर पाकिस्तान के उद्योग और उत्पादन मंत्रालय के सचिव सैफ अंजुम और रूस की औद्योगिक इंजीनियरिंग एलएलसी के महानिदेशक वादिम वेलिचको ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के विशेष सहायक हारून अख्तर खान और रूसी संघ में पाकिस्तान के राजदूत मुहम्मद खालिद जमाली भी उपस्थित थे।
पाकिस्तान स्टील मिल्स, जिसे मूल रूप से 1970 के दशक में सोवियत सहायता से बनाया गया था, पाकिस्तान-रूस संबंधों का एक स्थायी प्रतीक रहा है। यह मिल 2015 से परिचालन में नहीं थी, और इसके पुनरुद्धार से पाकिस्तान में इस्पात उत्पादन को फिर से शुरू करने और उसका विस्तार करने में मदद मिलेगी।
विशेष सहायक हारून अख्तर खान ने इस अवसर पर कहा, “रूस के समर्थन से पीएसएम को पुनर्जीवित करना हमारे साझा इतिहास और एक मजबूत औद्योगिक भविष्य के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।” उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यह परियोजना द्विपक्षीय सहयोग में एक नया अध्याय खोलेगी।
हाल के वर्षों में, पाकिस्तान और रूस ने व्यापार, रक्षा और ऊर्जा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अपने सहयोग को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। पाकिस्तान स्टील मिल्स का यह समझौता इसी दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है, जिससे दोनों देशों के आर्थिक और औद्योगिक संबंधों को और गहराई मिलेगी।
यह समझौता पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह देश की इस्पात आयात पर निर्भरता को कम करने और स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
