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रियो डी जनेरियो, ब्राजील: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ब्राजील के रियो डी जनेरियो में चल रहे 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे “पूरी मानवता पर आघात” बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवाद का समर्थन या आतंकियों को मौन सहमति देना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
ब्रिक्स देशों के राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हाल ही में पहलगाम में अमानवीय और कायराना आतंकी हमला हुआ। यह केवल भारत पर नहीं, बल्कि पूरी मानवता पर हमला था।” उन्होंने आतंकवाद को मानवता के समक्ष सबसे बड़ा खतरा बताते हुए इस मुद्दे पर दोहरे मापदंडों को सिरे से खारिज करने का आह्वान किया।
पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद पर कोई ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए और जो देश प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इसका समर्थन करते हैं, उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने कहा, “व्यक्तिगत या राजनीतिक लाभ के लिए आतंकवाद को मौन सहमति देना, आतंकवाद या आतंकवादियों का समर्थन करना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।”
प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि आतंकवाद के खिलाफ शब्दों और कार्यों में कोई अंतर नहीं होना चाहिए। उन्होंने वैश्विक संस्थानों में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर बल देते हुए विकासशील देशों को उचित प्रतिनिधित्व देने की वकालत की। उन्होंने कहा कि विकास और सुरक्षा के वैश्विक मसलों पर “ग्लोबल साउथ” के साथ दोहरी नीति अपनाई जाती है, जिससे वैश्विक व्यवस्थाएं असंतुलित होती हैं।
पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 25 पर्यटक और एक स्थानीय नागरिक शामिल था। इस हमले की ब्रिक्स घोषणापत्र में भी कड़े शब्दों में निंदा की गई है और संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित सभी आतंकवादियों और आतंकीS संगठनों के खिलाफ ठोस अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई का आह्वान किया गया है। ब्रिक्स नेताओं ने यह भी दोहराया कि आतंकवाद का किसी भी धर्म, जाति या नस्ल से कोई संबंध नहीं होना चाहिए।
