Source NDTV
बीजिंग। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने आज शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन से इतर द्विपक्षीय वार्ता की। इस दौरान दोनों नेताओं ने सीमा पर शांति और आतंकवाद जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। यह मुलाकात 7 साल बाद हो रही है और इसे भारत-चीन संबंधों को सामान्य करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। 🤝
मुख्य बिंदु:
सीमा पर शांति: पीएम मोदी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता के महत्व पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने पिछले साल सफल सैनिकों की वापसी का उल्लेख करते हुए इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि सीमा पर शांति बनी हुई है।
आतंकवाद पर रुख: भारत ने आतंकवाद के मुद्दे को मजबूती से उठाया और इस वैश्विक खतरे के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई का आग्रह किया।
रणनीतिक स्वायत्तता: पीएम मोदी ने कहा कि भारत और चीन दोनों रणनीतिक स्वायत्तता का पालन करते हैं, और उनके संबंधों को किसी तीसरे देश के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। यह बयान अमेरिका की ओर से लगाए गए व्यापार शुल्क के संदर्भ में काफी महत्वपूर्ण है।
विकास भागीदार, प्रतिद्वंद्वी नहीं: दोनों नेताओं ने दोहराया कि भारत और चीन विकास भागीदार हैं, न कि प्रतिद्वंद्वी, और उनके मतभेदों को विवादों में नहीं बदलना चाहिए।
संबंधों को आगे बढ़ाना: पीएम मोदी ने कहा कि भारत-चीन संबंधों को आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब दोनों देश 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद संबंधों को सामान्य करने का प्रयास कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी चर्चा हुई, जिसमें सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने का विषय शामिल था।
