SOURCE The Indian Express
ढाका: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने अदालत की अवमानना के एक मामले में छह महीने की जेल की सजा सुनाई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह फैसला बुधवार को सुनाया गया।
बताया जा रहा है कि यह पहली बार है जब अवामी लीग की अपदस्थ नेता को किसी मामले में सजा सुनाई गई है, जब से उन्होंने लगभग 11 महीने पहले पद छोड़ा था और देश छोड़कर भाग गई थीं।
ढाका ट्रिब्यून अखबार ने बताया कि शेख हसीना के खिलाफ यह फैसला इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल-1 की तीन सदस्यीय पीठ द्वारा जारी किया गया, जिसकी अध्यक्षता चेयरमैन जस्टिस एमडी गोलम मुर्तुजा मोजुमदार ने की।
यह मामला न्यायपालिका के प्रति कथित अपमानजनक टिप्पणी से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसे ICT ने गंभीरता से लिया है। इसी फैसले में न्यायाधिकरण ने गैबांधा के गोविंदगंज निवासी शकील अकंद बुलबुल को भी दो महीने जेल की सजा सुनाई है।
गौरतलब है कि पिछले साल बांग्लादेश में देशव्यापी जन आंदोलन में हजारों लोगों की गिरफ्तारी और हत्याओं को लेकर हसीना की सरकार पर मानवता के खिलाफ अपराध के आरोप लगे थे। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, 15 जुलाई से 15 अगस्त 2024 के बीच हुए दमन में 1,400 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। आईसीटी ने इन घटनाओं को युद्ध अपराध माना है। हसीना अगस्त 2024 में राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद अवामी लीग सरकार के नाटकीय पतन के बाद भारत पहुंची थीं और तब से वहीं रह रही हैं।
फिलहाल इस पर शेख हसीना या उनकी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
