Source India Today
नई दिल्ली — राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि लाल किले के पास हुए धमाके में इस्तेमाल की गई गाड़ी में आत्मघाती हमलावर (फिदायीन) था और उसमें व्हीकल-बोर्न इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (VBIED) लगाया गया था।
जांच के मुख्य बिंदु
1. आत्मघाती हमले की आशंका
NIA सूत्रों के अनुसार, जांचकर्ता इस दिशा में पीछे नहीं हट रहे कि यह कोई साधारण विस्फोट घटना नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई आत्मघाती मंशा थी।
2. VBIED और IED का इस्तेमाल
धमाके में जिस गाड़ी का प्रयोग किया गया था, उसे एक अस्थायी रूप से तैयार किए गए विस्फोटक उपकरण (IED) के रूप में इस्तेमाल किया गया।
3. पहचान की पुष्टि में डीएनए
जांचकर्ता संदिग्ध फिदायीन, जिन्हें डॉ. उमर नबी माना जा रहा है, की पहचान के लिए उनकी माता का डीएनए टेस्ट कराने की योजना बना रहे हैं। मृतक के अवशेषों में मिली ऊतक सामग्री का मिलान उसी के डीएनए से किया जाना है।
4. विस्फोट का पूरा असर न होना
अधिकारियों का कहना है कि विस्फोट “अकस्मात ट्रिगर” हुआ हो सकता है — IED पूरी तरह विकसित नहीं था, इसलिए धमाके का पैमाना अपेक्षित स्तर का नहीं रहा।
5. आतंकवादी साजिश का लिंक
जांच में यह भी संकेत मिला है कि इस हमले के तार पुलवामा के एक मॉड्यूल से जुड़ते हैं। कथित तौर पर जैश-ए-मोहम्मद के मंसूबे के तहत यह VBIED हमला दूसरी बार किया गया हो सकता है।
6. विस्फोटक सामग्री की जाँच
NIA-एफएसएल टीम ने घटना स्थल से 40 से अधिक नमूने एकत्र किए हैं, जिनमें कार के अवशेष, विस्फोटक अवशेष और अन्य संदिग्ध पदार्थ शामिल हैं।
7. गाड़ी की पहचान
विस्फोट में इस्तेमाल की गई कार एक Hyundai i20 बताई जा रही है, जो ब्लास्ट के कुछ समय पहले प्रदूषण जांच के दौरान भी देखी गई थी।
