Source The Hindu
कोच्चि: मलयालम फिल्म उद्योग के कलाकारों के सबसे बड़े संगठन एसोसिएशन ऑफ मलयालम मूवी आर्टिस्ट्स (AMMA) में एक नया अध्याय जुड़ गया है। पहली बार दो महिला कलाकारों, श्वेता मेनन और कुक्कु परमेश्वरन, को संगठन के शीर्ष नेतृत्व में शामिल किया गया है। दोनों ने सर्वसम्मति से निर्वाचित उपाध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला है, जो AMMA के 29 साल के इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण है।
यह चुनाव रविवार को कोच्चि में आयोजित वार्षिक आम बैठक के दौरान हुआ। संगठन के भीतर लंबे समय से महिलाओं को नेतृत्व में शामिल करने की मांग चल रही थी, जिसे इस चुनाव ने पूरा कर दिया है। यह कदम न केवल महिला कलाकारों के लिए एक बड़ी जीत है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि मलयालम फिल्म उद्योग में लैंगिक समानता की दिशा में एक बड़ा बदलाव आ रहा है।
AMMA के अध्यक्ष, मोहनलाल, ने इस ऐतिहासिक बदलाव का स्वागत किया और कहा, “यह AMMA और मलयालम फिल्म उद्योग के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है। श्वेता और कुक्कु के नेतृत्व से संगठन को एक नई दिशा मिलेगी और यह अधिक समावेशी बनेगा।”
श्वेता मेनन और कुक्कु परमेश्वरन दोनों ही अनुभवी कलाकार हैं और उन्होंने कई वर्षों तक मलयालम सिनेमा में योगदान दिया है। श्वेता मेनन ने अपने शानदार अभिनय के लिए कई पुरस्कार जीते हैं, जबकि कुक्कु परमेश्वरन ने एक अनुभवी अभिनेत्री और निर्माता के रूप में अपनी पहचान बनाई है।
उनका चुनाव महिला कलाकारों के बीच नई उम्मीदें जगाता है और माना जा रहा है कि यह संगठन के कामकाज में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही लाएगा। यह कदम अन्य फिल्म उद्योगों के लिए भी एक मिसाल कायम करेगा, जहां महिला कलाकारों को अक्सर नेतृत्व की भूमिकाओं में कम देखा जाता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि ये दोनों दिग्गज नेता संगठन में क्या बदलाव लाती हैं।
