SOURCE The Tribune
गंगटोक, 3 जून 2025: सिक्किम के उत्तर पूर्वी क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक भीषण भूस्खलन की घटना में भारतीय सेना को बड़ा नुकसान हुआ है। भारी बारिश के कारण आए इस भूस्खलन में सेना के तीन जवान शहीद हो गए हैं, जबकि एक लेफ्टिनेंट कर्नल सहित छह सैन्यकर्मी अब भी लापता हैं। यह हादसा लाचेन के पास स्थित एक अग्रिम सैन्य स्टेशन पर सुबह तड़के हुआ, जब अधिकांश जवान ड्यूटी पर थे।
घटना के तुरंत बाद सेना और स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। भारी बारिश और दुर्गम पहाड़ी इलाका राहत कार्यों में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। सेना के अधिकारी ने जानकारी दी कि मलबे में कई अस्थायी ढांचों के दब जाने की आशंका है, जिनमें जवान तैनात थे।
रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि घटनास्थल पर बचाव कार्य जारी है और लापता जवानों की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसमें सेना की इंजीनियरिंग टीमों, डॉग स्क्वॉड और हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। इसके अलावा, मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों में और अधिक बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
शहीद जवानों के नामों की पहचान कर ली गई है और उनके परिवारों को सूचित कर दिया गया है। लापता जवानों में एक लेफ्टिनेंट कर्नल, दो जूनियर कमीशंड ऑफिसर और तीन अन्य रैंक के सैनिक शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और लापता जवानों की सुरक्षित वापसी की प्रार्थना की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी ट्वीट कर कहा, “सिक्किम में हुए भूस्खलन से सेना के जवानों की शहादत बेहद दुखद है। मैं शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और लापता जवानों की सलामती की कामना करता हूं।”
स्थानीय लोग भी राहत कार्य में सहयोग कर रहे हैं। प्रशासन ने आसपास के इलाकों को अलर्ट पर रखा है और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है।
सिक्किम और उत्तर-पूर्वी भारत में मानसून की शुरुआत के साथ ही भूस्खलन और प्राकृतिक आपदाओं की घटनाएं आम होती जा रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में तैनात जवानों की कठिनाइयों और खतरों को उजागर कर दिया है।
सरकार और सेना की ओर से शहीदों के परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है और सेना हर संभव प्रयास कर रही है कि लापता जवानों को जल्द से जल्द ढूंढा जा सके।
