Source The Times of India
नई दिल्ली: 2 अगस्त को होने वाले सूर्य ग्रहण को लेकर सोशल मीडिया पर एक वायरल पोस्ट तेजी से फैल रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि यह ग्रहण दुनिया भर में 6 मिनट का ‘अंधेरा’ लाएगा। इस पोस्ट ने लोगों के बीच उत्सुकता और कुछ हद तक डर का माहौल पैदा कर दिया है। हालांकि, नासा (NASA) ने इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है और इसकी सच्चाई बताई है।
वायरल पोस्ट में क्या है?
सोशल मीडिया पर कई प्लेटफॉर्म्स, खासकर व्हाट्सएप और फेसबुक पर एक संदेश घूम रहा है, जिसमें लिखा है: “2 अगस्त 2025 को एक बहुत बड़ा सूर्य ग्रहण होने वाला है, जो 6 मिनट तक चलेगा। इस दौरान पूरी दुनिया में अंधेरा छा जाएगा। यह एक दुर्लभ खगोलीय घटना है।”
नासा ने क्या कहा?
नासा के वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि 2 अगस्त 2025 को ऐसा कोई सूर्य ग्रहण नहीं होने वाला है, जो पूरी दुनिया को 6 मिनट के लिए अंधेरे में डुबो दे। नासा की आधिकारिक वेबसाइट और खगोलीय कैलेंडर के अनुसार, 2025 में कोई भी ऐसा पूर्ण सूर्य ग्रहण नहीं है, जो इतना लंबा हो और पूरी दुनिया पर एक साथ प्रभाव डाले।
वास्तव में, 2025 में कुछ आंशिक सूर्य ग्रहण हो सकते हैं, लेकिन उनका प्रभाव बहुत सीमित होगा और वे केवल कुछ ही क्षेत्रों में दिखाई देंगे। सूर्य ग्रहण के दौरान पूर्ण अंधेरा तभी होता है जब यह पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) होता है, और यह भी केवल एक संकीर्ण रास्ते में ही होता है, जिसे ‘पाथ ऑफ टोटैलिटी’ कहते हैं।
अगला लंबा सूर्य ग्रहण कब होगा?
खगोलविदों के अनुसार, अगला सबसे लंबा पूर्ण सूर्य ग्रहण 2 अगस्त 2027 को होगा, जो उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। उस ग्रहण के दौरान, ‘टोटैलिटी’ की अवधि 6 मिनट 23 सेकंड तक हो सकती है, लेकिन यह भी केवल उन क्षेत्रों में ही महसूस होगा जहां से ग्रहण गुजरेगा, पूरी दुनिया में नहीं।
क्या करें और क्या न करें?
नासा ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। खगोलीय घटनाओं की जानकारी के लिए हमेशा विश्वसनीय स्रोतों, जैसे कि नासा की वेबसाइट, खगोल विज्ञान संगठनों और प्रतिष्ठित समाचार एजेंसियों पर भरोसा करें।
निष्कर्ष:
यह स्पष्ट है कि 2 अगस्त 2025 को दुनिया में ‘6 मिनट का अंधेरा’ लाने वाला कोई सूर्य ग्रहण नहीं है। यह सिर्फ एक अफवाह है, जिसे सोशल मीडिया पर गलत जानकारी के साथ फैलाया जा रहा है।
