Source Aljajeera
नई दिल्ली: 2025 का पहला और सबसे लंबा चंद्र ग्रहण रविवार की रात को हुआ, जिसने पूरी दुनिया के खगोल प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह अद्भुत खगोलीय घटना ‘सुपर ब्लड मून’ (Super Blood Moon) के नाम से जानी जाती है। भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में लोगों ने आसमान में लाल-नारंगी रंग के चांद को देखकर इस ऐतिहासिक पल का अनुभव किया।
इस दुर्लभ घटना के दौरान, जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आती है, तो पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। हालांकि, यह छाया पूरी तरह से काली नहीं होती। पृथ्वी के वायुमंडल से छनकर आने वाली सूरज की रोशनी (जो नीले रंग के कणों को बिखेर देती है) चांद पर पड़ती है, जिससे वह लाल रंग का दिखाई देता है। यही कारण है कि इसे ‘ब्लड मून’ कहा जाता है।
दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे बड़े शहरों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी लोगों ने इस नजारे का दीदार करने के लिए अपने घरों की छतों पर या खुले मैदानों में इकट्ठा होकर दूरबीन और कैमरों से इस पल को कैद किया।
खगोल वैज्ञानिकों ने इस घटना को ‘असाधारण’ बताया। यह चंद्र ग्रहण लगभग 1 घंटे 25 मिनट तक चला, जो इसे इस साल का सबसे लंबा पूर्ण चंद्र ग्रहण बनाता है। अगला पूर्ण चंद्र ग्रहण 2026 में होगा, लेकिन ‘सुपर ब्लड मून’ का ऐसा नजारा देखने के लिए लोगों को अभी और इंतजार करना होगा।
यह घटना न सिर्फ वैज्ञानिकों के लिए बल्कि आम जनता के लिए भी उत्सुकता का विषय बनी रही। सोशल मीडिया पर #SuperBloodMoon और #LunarEclipse जैसे हैशटैग ट्रेंड करते रहे, जहां लोगों ने अपनी तस्वीरें और अनुभव साझा किए।
