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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उस जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया जिसमें खांसी की सिरप के कारण बच्चों की मौत की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की गई थी। कोर्ट ने कहा कि इस मामले की जांच पहले से ही संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है और इस स्तर पर CBI जांच की जरूरत नहीं है।
मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि सरकार ने पहले ही प्रभावित देशों और दवा कंपनियों के खिलाफ आवश्यक कदम उठाए हैं। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा कि जब दवा नियामक निकाय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां जांच में शामिल हैं, तो अदालत क्यों हस्तक्षेप करे।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष कई देशों में भारतीय निर्मित खांसी की सिरप के सेवन से बच्चों की मौत के मामले सामने आए थे। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने तब चेतावनी जारी करते हुए संबंधित दवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठाया था।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब मामले की आगे की जांच स्वास्थ्य मंत्रालय और दवा नियामक संस्थाओं के स्तर पर ही जारी रहेगी।
