SOURCE The Indian Express
भारत की रक्षा निर्माण क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) और फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन ने चार प्रोडक्शन ट्रांसफर एग्रीमेंट्स पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत, राफेल लड़ाकू विमान का फ्यूसेलाज (मुख्य ढांचा) अब भारत में निर्मित किया जाएगा, जो पहली बार फ्रांस के बाहर इस महत्वपूर्ण घटक का निर्माण होगा।
यह कदम ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। राफेल का फ्यूसेलाज विमान का केंद्रीय ढांचा होता है, जिसमें कॉकपिट, ईंधन टैंक और अन्य महत्वपूर्ण प्रणाली शामिल होती हैं। इसका स्थानीय निर्माण भारत की रक्षा उत्पादन क्षमताओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
इससे पहले, भारत के नागपुर स्थित डसॉल्ट रिलायंस एविएशन लिमिटेड (DRAL) संयंत्र में राफेल के कुछ हिस्सों का निर्माण किया जा रहा था, जिन्हें फ्रांस में अंतिम असेंबली के लिए भेजा जाता था। अब, टाटा और डसॉल्ट की यह नई साझेदारी भारत में राफेल के प्रमुख घटकों के पूर्ण निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
यह विकास ऐसे समय में हुआ है जब भारत ने हाल ही में फ्रांस से 26 राफेल मरीन लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए $7.4 बिलियन का समझौता किया है, जिससे भारतीय नौसेना की क्षमताओं में वृद्धि होगी।
इस साझेदारी से न केवल भारत की रक्षा उत्पादन क्षमताओं में वृद्धि होगी, बल्कि यह देश को वैश्विक रक्षा आपूर्ति श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण स्थान भी दिलाएगा।
