Source Telangana Today
हैदराबाद: तेलंगाना स्वास्थ्य विभाग ने राज्य में डेंगू और अन्य मौसमी बीमारियों के बढ़ते मामलों के मद्देनजर नागरिकों से हर शुक्रवार को ‘ड्राई डे’ मनाने की अपील की है। विभाग ने चेतावनी दी है कि मानसून के आगमन के साथ जल-जनित और वेक्टर-जनित बीमारियों में वृद्धि हो सकती है, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा बढ़ सकता है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि तापमान में गिरावट और आर्द्रता में वृद्धि के कारण एडीज एजिप्ती मच्छर के पनपने के लिए आदर्श परिस्थितियां बन रही हैं, जो डेंगू वायरस के मुख्य वाहक हैं। ये मच्छर दिन के समय काटते हैं, इसलिए दिन में भी सावधानी बरतना महत्वपूर्ण है।
‘शुक्रवार ड्राई डे’ क्या है?
‘शुक्रवार ड्राई डे’ अभियान के तहत, लोगों से अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में कहीं भी पानी जमा न होने देने का आग्रह किया गया है। इसमें कूलर, फूलों के गमले, खाली टायर, नारियल के खोल, टूटे हुए बर्तन और अन्य ऐसे स्थान शामिल हैं जहां पानी इकट्ठा हो सकता है। यह सुनिश्चित करना है कि मच्छर अपने अंडे न दे सकें और उनका जीवन चक्र बाधित हो।
अन्य सावधानियां:
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से बचाव के लिए कई अन्य उपाय अपनाने की सलाह दी है:
मच्छर नियंत्रण:
दरवाजों और खिड़कियों पर मच्छरदानी/स्क्रीन लगाएं।
सोते समय, खासकर बच्चों के बिस्तर पर मच्छरदानी का प्रयोग करें।
मच्छर भगाने वाली दवाओं का प्रयोग करें।
घरेलू नालियों को साफ रखें ताकि पानी जमा न हो।
सेप्टिक टैंकों को जाली से ढकें ताकि मच्छर अंडे न दे सकें।
जल-जनित बीमारियों से बचाव:
केवल उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं।
खाना खाने से पहले और बाद में अच्छी तरह हाथ धोएं।
बासी या बाहर का अस्वच्छ भोजन खाने से बचें।
गैस्ट्रोएंटेराइटिस, पीलिया और टाइफाइड के मामलों में वृद्धि देखी जा सकती है, इसलिए अत्यधिक सावधानी बरतें।
हवा-जनित संक्रमणों से बचाव:
वायरल बुखार और इन्फ्लुएंजा के मामलों में भी वृद्धि की उम्मीद है।
बीमार व्यक्तियों से हाथ मिलाने से बचें।
बार-बार हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें।
छींकते या खांसते समय रुमाल का प्रयोग करें।
यदि आपको फ्लू जैसे लक्षण (बुखार के साथ खांसी, सिरदर्द, गले में खराश और शरीर में दर्द) महसूस हों तो तुरंत सरकारी स्वास्थ्य सुविधा केंद्र पर संपर्क करें।
स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. बी. रविंदर नायक ने इस दौरान विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि “निवारक उपाय मानसून के दौरान बीमारियों के प्रसार को रोक सकते हैं।” सरकार ने सभी सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष बिस्तर, अंतःशिरा (आईवी) तरल पदार्थ और आवश्यक दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था की है। एएनएम, आशा कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के पास भी दवाएं और ओआरएस के पैकेट उपलब्ध हैं।
विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इन दिशानिर्देशों का पालन करें और किसी भी बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें। जन सहयोग से ही इन मौसमी बीमारियों के प्रकोप को कम किया जा सकता है।
