Source The New Indian Express
उत्तराखंड के चमोली ज़िले में शनिवार देर रात भारी बारिश के बाद भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ ने कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 14 लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन और राज्य आपदा प्रबंधन बल (SDRF) की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। प्रभावित गांवों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, सबसे ज़्यादा नुकसान नंदप्रयाग और घाट क्षेत्र के गांवों में हुआ है, जहां कई घर मलबे में दब गए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है और घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
भारी बारिश के कारण कई सड़कें भी बाधित हो गई हैं, जिससे राहत कार्य में कठिनाई आ रही है। राज्य सरकार ने प्रभावित इलाकों में आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं और लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाओं में तेजी आई है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक उत्तराखंड के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
