SOURCE The New Indian Express
वडोदरा, 10 जुलाई 2025: गुजरात के वडोदरा जिले में महिसागर नदी पर बने गंभीरा पुल के ढहने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। बुधवार को हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद से बचाव अभियान लगातार जारी है, और अभी भी तीन लोगों के लापता होने की खबर है।
बुधवार सुबह वडोदरा के पादरा कस्बे के पास स्थित चार दशक पुराने इस पुल का एक हिस्सा अचानक ढह गया, जिससे कई वाहन नदी में गिर गए। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू कर दिया था।
वडोदरा कलेक्टर अनिल धामेलिया ने बताया कि नदी से अब तक 15 शव निकाले जा चुके हैं। लापता लोगों की तलाश में टीमें नदी में 4 किलोमीटर तक नीचे की ओर खोज कर रही हैं। हालांकि, अभी भी कुछ वाहनों के नदी में फंसे होने की आशंका है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
गंभीरा पुल वडोदरा और आणंद जिलों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग था। यह पुल 1985 में बनाया गया था। बताया जा रहा है कि पुल की जर्जर हालत को लेकर पहले भी चेतावनियां दी गई थीं, लेकिन उन पर ध्यान नहीं दिया गया। इस घटना ने पुलों के रखरखाव और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस दुखद घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है। वहीं, राज्य सरकार ने भी मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है।
हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और विशेषज्ञों की एक टीम घटनास्थल पर पहुंचकर ढहने के कारणों का पता लगा रही है।
