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डब्ल्यूएचओ ने मंकीपॉक्स को अब वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल नहीं माना

जेनेवा: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने घोषणा की है कि मंकीपॉक्स (जिसे अब mpox कहा जाता है) अब एक वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (Public Health Emergency of International Concern- PHEIC) नहीं है। यह निर्णय अफ्रीका में, जहाँ यह बीमारी सबसे ज़्यादा फैली थी, मामलों और मौतों में लगातार गिरावट के बाद लिया गया है। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनोम गेब्रेयसस ने यह घोषणा करते हुए कहा कि आपातकालीन समिति ने स्थिति की समीक्षा करने के बाद यह सलाह दी है, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है।

पृष्ठभूमि और निर्णय के कारण

डब्ल्यूएचओ ने अगस्त 2024 में मंकीपॉक्स के प्रकोप को एक वैश्विक आपातकाल घोषित किया था। यह घोषणा तब की गई थी जब कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) और पड़ोसी देशों में इस बीमारी के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई थी और यह नए क्षेत्रों में फैल रही थी। आपातकाल घोषित करने का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान इस बीमारी पर केंद्रित करना और इसके प्रसार को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाना था। समिति की पिछली बैठकों में, जून 2025 तक, इस स्थिति को बरकरार रखा गया था, लेकिन अब नवीनतम आंकड़ों के आधार पर यह निर्णय लिया गया है।

आपातकाल खत्म होने का मतलब क्या है?

डब्ल्यूएचओ ने स्पष्ट किया है कि आपातकाल का दर्जा हटाने का मतलब यह नहीं है कि मंकीपॉक्स का खतरा पूरी तरह से खत्म हो गया है। इसके बजाय, यह दर्शाता है कि अब स्थिति को वैश्विक रूप से आपातकालीन स्तर पर प्रबंधित करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसके प्रति सतर्क रहना जरूरी है। डब्ल्यूएचओ ने यह भी कहा है कि वे अपनी प्रतिक्रिया को रोकेंगे नहीं। एजेंसी ने सदस्य देशों से निगरानी जारी रखने, जोखिम वाले समुदायों की सुरक्षा करने और बच्चों तथा एचआईवी से पीड़ित लोगों जैसे कमजोर समूहों पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया है।

अफ्रीका में स्थिति

आपातकाल की स्थिति को हटाए जाने के बावजूद, अफ्रीका में मंकीपॉक्स अभी भी एक बड़ी चिंता बना हुआ है। अफ्रीका रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (Africa CDC) ने कहा है कि उनके अनुसार मंकीपॉक्स अभी भी एक महाद्वीपीय आपातकाल है। कई अफ्रीकी देशों जैसे घाना, लाइबेरिया, केन्या और तंजानिया में अभी भी मामले सामने आ रहे हैं, और नए क्षेत्रों में भी संक्रमण फैल रहा है। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक ने भी इस बात पर जोर दिया है कि खतरा अभी टला नहीं है और बीमारी के प्रकोप को रोकने के लिए निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

मंकीपॉक्स क्या है?

मंकीपॉक्स एक वायरल बीमारी है जो ऑर्थोपॉक्सवायरस नामक वायरस के कारण होती है। यह वायरस चेचक (smallpox) के वायरस से संबंधित है, लेकिन मंकीपॉक्स के लक्षण आमतौर पर चेचक की तुलना में हल्के होते हैं। इसके मुख्य लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, सूजन और शरीर पर दाने शामिल हैं जो बाद में घाव में बदल जाते हैं। यह बीमारी संक्रमित जानवरों या लोगों के साथ सीधे संपर्क से फैल सकती है। इस बीमारी का नाम 1958 में रखा गया था जब यह पहली बार बंदरों में पाया गया था।

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