नई दिल्ली: भारतीय सॉफ्टवेयर दिग्गज जोहो कॉर्पोरेशन (Zoho Corporation) ने अपने देसी मैसेजिंग ऐप ‘अरट्टाई’ (Arattai) के साथ इंस्टेंट मैसेजिंग स्पेस में एक बड़ी हलचल मचा दी है। यह ऐप, जिसे व्हाट्सएप (WhatsApp) के एक मजबूत स्वदेशी विकल्प के रूप में देखा जा रहा है, ने लॉन्च के बाद से ही अपनी ख़ासियतों की वजह से यूज़र्स के बीच तेजी से लोकप्रियता हासिल की है।
क्या है ‘अरट्टाई’ की खासियत?
‘अरट्टाई’ एक तमिल शब्द है जिसका अर्थ है ‘बातचीत’ या ‘चैट’। जोहो ने इसे भारतीय यूज़र्स की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया है, खासकर उन यूज़र्स के लिए जो धीमे इंटरनेट नेटवर्क या लो-एंड स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं।
मुख्य आकर्षण:
लाइटवेट और तेज़: यह ऐप कम बैंडविड्थ और कम मेमोरी वाले स्मार्टफोन्स पर भी आसानी से और तेज़ी से काम करने के लिए ऑप्टिमाइज़ किया गया है।
गोपनीयता पर ज़ोर: जोहो का दावा है कि ‘अरट्टाई’ यूज़र्स की डेटा गोपनीयता को प्राथमिकता देता है और विज्ञापन के लिए यूज़र डेटा का उपयोग नहीं करता है। सभी यूज़र डेटा भारतीय डेटा केंद्रों में स्टोर किए जाते हैं।
इन-ऐप मीटिंग फ़ीचर: व्हाट्सएप के साधारण वीडियो कॉल से एक कदम आगे बढ़ते हुए, ‘अरट्टाई’ में एक डेडिकेटेड ‘मीटिंग्स’ फ़ीचर है। यह यूज़र्स को ऐप के भीतर ही ज़ूम (Zoom) या गूगल मीट (Google Meet) की तरह वीडियो मीटिंग्स को शेड्यूल करने, होस्ट करने या जॉइन करने की सुविधा देता है।
पॉकेट (Pocket) फ़ीचर: यह एक निजी क्लाउड स्टोरेज की तरह काम करता है, जहाँ यूज़र्स अपनी नोट्स, फ़ाइलें, फ़ोटो और रिमाइंडर सुरक्षित रूप से सहेज सकते हैं।
1000 सदस्य तक के ग्रुप: ‘अरट्टाई’ ग्रुप चैट्स में 1,000 सदस्यों तक को सपोर्ट करता है, जो इसे बड़े समुदायों और पेशेवर टीमों के लिए एक आदर्श मंच बनाता है।
कोई विज्ञापन नहीं: फिलहाल, ‘अरट्टाई’ पूरी तरह से विज्ञापन-मुक्त है।
व्हाट्सएप के लिए चुनौती
भारत सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के समर्थन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वदेशी अपनाने के आह्वान के बाद ‘अरट्टाई’ की लोकप्रियता में भारी उछाल देखा गया है। कुछ ही दिनों में ऐप स्टोर पर यह सोशल नेटवर्किंग कैटेगरी में शीर्ष स्थान पर पहुँच गया।
हालांकि ‘अरट्टाई’ अभी भी यूज़र बेस के मामले में व्हाट्सएप से बहुत पीछे है (जिसके भारत में 500 मिलियन से अधिक यूज़र्स हैं), लेकिन इसकी तेज़ ग्रोथ, व्यापक फीचर्स, और गोपनीयता पर ज़ोर इसे भारतीय मैसेजिंग बाज़ार में एक मज़बूत दावेदार बनाता है।
जोहो के संस्थापक श्रीधर वेम्बु ने इस ऐप को भारत की डिजिटल आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ‘अरट्टाई’ सिर्फ़ एक मैसेजिंग ऐप नहीं, बल्कि एक डिजिटल आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाया गया कदम है।
